हरिद्वार: मैदान से लेकर पहाड़ तक देर रात से तेज बारिश होने का सिलसिला लगातार जारी है. लगातार हो रही तेज बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा नदी का जल स्तर भी बढ़ गया और गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है. भीमगोड़ा बैराज पर जल स्तर बढ़कर चेतावनी स्तर को पार कर गया. अधिकारियों के मुताबिक गंगा नदी 293.10 मीटर पर बह रही है. जबकि 294 मीटर को खतरे का निशान माना गया है. वहीं प्रशासन भी बारिश को लेकर अलर्ट हैं. जहां सुबह से ही शहर में जल निकासी कराई जा रही है, वहीं यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. निचले इलाकों में अलर्ट जारी है. सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है.
चेतावनी के निशान को पार कर गई गंगा: दूसरी ओर लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है. आज मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गंगा का जलस्तर 293.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया. फिलहाल गंगा चेतावनी निशान 293 मीटर को पार कर गई है. गंगा का खतरे का निशान 294 मीटर माना जाता है. गंगा फिलहाल खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है.
भारी बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट: जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंगा में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है. इसी वजह से हरिद्वार पहुंचने वाले पानी की मात्रा बढ़ी है और भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है. अधिकारियों का दावा है कि हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड में है. यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं.
जलभराव से स्थानीय लोगों परेशानी: देर रात से हो रही बारिश के कारण शहर में भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड, कनखल और लाटोवाली में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. तेज बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मौके पर जाकर जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है. जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है. आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग तथा पुलिस प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
