नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज शनिवार से चार दिवसीय विदेशी दौरा शुरू हो गया है. ताजा जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी आज उज्बेकिस्तान और किर्गिज के दौरे पर रवाना हो गए हैं. इश बार किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है.
वहीं, पीएम मोदी ने विदेशी दौरे पर जाने से पहले कहा कि वह एससीओ (SCO) समिट के लिए भारत के उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं जो सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों पर आधारित है, और साथ ही आतंकवाद के खतरे से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए साथी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी तत्पर हैं. बता दें, इस साल एससीओ (SCO) समिट को 25 साल पूरे हो रहे हैं.
बता दें, आज शनिवार 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज गणराज्य की अपनी दो देशों की यात्रा से पहले, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि उनकी यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी और इस क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंधों को और गहरा करेगी. रवाना होने से पहले दिए अपने बयान में मोदी ने कहा कि यह यात्रा शांति, स्थिरता और समृद्धि की साझा कोशिशों को आगे बढ़ाएगी; ये वे मूल्य हैं जो दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में हैं.
इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि भारत 2017 से SCO का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है. मैं इस क्षेत्र के लिए भारत के उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं जो सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों पर आधारित है. साथ ही, मैं अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करना चाहता हूं जो आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त हो, क्योंकि ये हमारे पड़ोस और उससे आगे भी शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर, वे उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के लिए 29-30 अगस्त को ताशकंद जाएंगे. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने, तथा ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं.
मोदी ने कहा कि वह ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी जाएंगे, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सांस्कृतिक और आपसी संबंधों का प्रतीक है. ताशकंद से, किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे; यह सम्मेलन इस महत्वपूर्ण संगठन के 25 साल पूरे होने का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रपति झापारोव और SCO के अन्य नेताओं से मिलने और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं. यह मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बहुत सम्मान करता है. अधिकारियों ने बताया कि मोदी SCO समिट को संबोधित करेंगे, जिसमें वे सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों के मामले में भारत की प्राथमिकताओं पर जोर देंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.
