उत्तराखंड की राजनीति में एक नई पार्टी के रूप में सार्वजनिक सनातन पार्टी के उभरने का दावा किया गया है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी।
पार्टी की ओर से बीजेपी के हिंदुत्व और सनातन को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। पार्टी के नेता ने दावा किया कि बीजेपी का हिंदुत्व वास्तविक सनातन विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में गोमांस निर्यात और मंदिरों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा उठाया।
नेता ने आरोप लगाया कि अगर बीजेपी वास्तव में सनातन विचारधारा के अनुरूप काम करती है, तो भारत गोमांस निर्यात के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर कैसे है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों और मांस निर्यात को लेकर भी सवाल उठाए।
इसके साथ ही उन्होंने देश के मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को लेकर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं, जबकि मस्जिदों और चर्चों को लेकर ऐसी व्यवस्था नहीं है।
पार्टी नेता ने बीजेपी पर “हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने” का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसके विपरीत सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम करेगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सनातन पार्टी “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगी और सभी लोगों को साथ लेकर राजनीति करने का प्रयास करेगी।
अब देखना होगा कि उत्तराखंड की राजनीति में नई पार्टी की यह एंट्री आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभाव डालती है और क्या 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारने का दावा वास्तव में चुनावी मैदान तक पहुंच पाता है।
मन्नेम नागेश्वर राव राष्ट्रीय अध्यक्ष
