बता दें कि जिला प्रशासन के संज्ञान में आया कि अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे रोड कटिंग कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, संकेतक, बैरिकेडिंग, जन सामान्य के लिए अन्य सुरक्षा उपायों आदि का पालन नहीं किया जा रहा है. ना ही कार्यदायी संस्थाओं के सक्षम अधिकारियों द्वारा भी कार्यस्थल पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर संबंधित कॉन्ट्रेक्टर के कार्यों की समीक्षा और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर पेनल्टी मुकदमा दर्ज और अन्य दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के बाद भी विभागों ने कार्यों में अपेक्षा के अनुरूप सुधार नहीं लाया जा रहा है।
जिसके बाद अनेक स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही है और सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि और गंभीर दुर्घटना, आपदा की संभावना बनी हुई हैं. जिसके बाद जिला प्रशासन ने जनमानस की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लेते हुए सभी कार्य अनुमतियों को निरस्त कर दिया है. परियोजना समन्वय समिति देहरादून ने जनपद अर्न्तगत अलग-अलग विभागों द्वारा प्राप्त रोड कटिंग की अनुमति, अनुरोध के क्रम में अधिशासी अभियंता उत्तराखंड जल संस्थान,अधीक्षण अभियन्ता,यूपीसीएल आईएसबीटी क्रासिंग सहारनपुर रोड माजरा, अधिशासी अभियंता,पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, देहरादून शाखा, राजेन्द्र नगर, उप कार्यकम निदेशक, यूयूएसडीए, देहरादून, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, अधिशासी अभियंता, दक्षिण, उत्तराखंड जल संस्थान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड, कौलागढ़ रोड, आदि और कार्यालय जिलाधिकारी और आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, देहरादून, द्वारा प्रभारी अधिकारी रोड कटिंग के माध्यम से रोड कटिंग की अनुमति अनुरोध के क्रम में अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं को रोड कटिंग की अनुमति दी गई थी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया है कि अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधीक्षण अभियंता एनएच और अन्य सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है. साथ ही अभियंताओं की रोस्टर वार ड्यूटी लगाते हुए तत्काल रूप से अपनी-अपनी सड़कों के सुधारीकरण और मरम्मतीकरण का कार्य शुरू करते हुए 10 दिन के भीतर शहर अंतर्गत सभी सड़कों को पहली की स्थिति में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
