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देहरादून: आगामी 9 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के लिए नियोजन विभाग की ओर से तैयार की गई आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी. उससे पहले ही नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेस वार्ता कर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट की जानकारियों को साझा किया. रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 की तुलना में उत्तराखंड की जीएसडीपी में डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है. प्रति व्यक्ति आय, उद्योग, स्टार्टअप और बिजली उत्पादन समेत अनेक क्षेत्रों में बड़ी प्रगति हुई है।
उत्तराखंड का आर्थिक सर्वेक्षण जारी: आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट वित्त विभाग के लिए भी एक डायरेक्शन डॉक्यूमेंट होता है कि किस डायरेक्शन में हमें जाना चाहिए और किन बिंदुओं पर फोकस करना चाहिए. उन्होंने बताया कि पिछले साल तक आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने के लिए इन हाउस एक्सरसाइज करते थे. यानी डिपार्मेंट आफ इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिसटिक्स के लोग काम करते थे।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के लिए इनकी ली गई मदद: इस साल आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने के लिए ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च’ की भी मदद ली गई है. ताकि बेहतर ढंग से आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को तैयार किया जा सके. ऐसे में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां निकाल कर सामने आई हैं।
जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की हुई बढ़ोत्तरी: नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस साल प्रति व्यक्ति आय में 7.23 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह प्रति कैपिटल इनकम यानी प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोत्तरी हुई है. पॉवर्टी इंडेक्स में नीचे गए हैं, तो वहीं ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में बढ़ोत्तरी हुई है. ऐसे में अगले साल के लिए ये पूर्वानुमान है कि 8.2 की दर से ग्रो करेंगे. इसके लिए तमाम सुझाव भी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के जरिए दी गई है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार:
- साल 2025 में नॉमिनल जीएसडीपी 381,880 करोड़ रही है. साल 2022 में नॉमिनल जीएसडीपी 2.54 लाख करोड़ थी. यानी 2022 के मुकाबले साल 2025 में जीएसडीपी में डेढ़ गुना की बढ़ोत्तरी हुई है. वित्तीय वर्ष 2024- 25 की तुलना में 2025- 26 में 7.23 फीसदी ग्रोथ रेट रहा है.
- प्रति व्यक्ति आय, साल 2022 में 1.94 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 273,921 हो गयी है.
- गरीबी इंडेक्स के तहत साल 2022 में 9.70 थी, जो साल 2025 में घटकर 6.92 में पहुंच गयी है. यानी पिछले कुछ सालों के अंदर गरीबी में गिरावट आई है.
- लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट साल 2022 में 60.1 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 64.4 हो गयी है.
- ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स साल 2022 में 0.718 था जबकि 2025 में 0.722 हो गया है.
- साल 2022 में एमएसएमई की संख्या 59,798 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 79,394 हो गयी है.
- एमएसएमई के जरिए साल 2022 में 343,922 लोगों को रोजगार मिल रहा था. साल 2025 में 456,605 लोगों को रोजगार मिला है
- साल 2022 में लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 128 हो गयी है.
- साल 2022 में स्टार्टअप की संख्या 702 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 1750 हो गयी है.
- साल 2022 में प्रदेश में सड़कों की लंबाई 50,393 किलोमीटर थी, जो साल 2025 में बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गई है.
- साल 2022 में हेलीपोर्ट्स की संख्या 2 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 7 हो गई है.
- साल 2022 में हेलीपैड की संख्या 60 थी. साल 2025 में ये बढ़कर 118 हो गई है.
- शिक्षण संस्थानों की स्थिति सुधरी: प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट शिक्षण संस्थानों की प्रगति के बारे में भी बताया
साल 2022 में प्राइमरी स्कूलों में ग्रॉस एनरोलमेंट की स्थिति 91.19 फीसदी थी. साल 2025 में ये बढ़कर 103 फीसदी हो गयी है.
साल 2022 में सेकेंडरी स्कूलों में ग्रॉस एनरोलमेंट की स्थिति 88.23 फीसदी थी. साल 2025 में ये बढ़कर 93.54 फीसदी हो गयी है.
साल 2022 में प्राइमरी स्कूलों में ड्रॉप आउट की स्थिति 1.64 फीसदी थी. साल 2025 में ये घटकर 1.41 फीसदी रह गयी है.
साल 2022 में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉप आउट की स्थिति 7.65 फीसदी थी. साल 2025 में ये घटकर 4.59 फीसदी रह गयी है.
साल 2022 में डिग्री कॉलेज की संख्या 124 थी. साल 2025 में ये संख्या बढ़कर 139 हो गयी है.
साल 2022 में प्राइवेट और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 20 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 52 हो गई है.
बिजली उत्पादन बढ़ा: प्रमुख सचिव ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में ऊर्जा के क्षेत्र में हुए विकास के बारे में भी बताया.
साल 2022 में 5,157 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होता था, जो साल 2025 में बढ़कर 16,500 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है.
साल 2022 में विद्युत की खपत 12,518 मिलियन यूनिट थी, जो साल 2025 में बढ़कर 17,192 मिलियन यूनिट तक पहुंच गयी है.
साल 2022 में सोलर के जरिए विद्युत उत्पादन 439 मेगावाट था, जो कि साल 2025 में बढ़कर 1,027 मेगावाट तक पहुंच गया.
मातृ और शिशु मृत्यु दर घटी: आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में मातृ और शिशु मृत्य दर में आई कमी का भी उल्लेख है.
साल 2022 में आईएमआर (Infant Mortality Rate) की स्थिति 22 थी, जो साल 2025 में घटकर 20 रह गयी.
साल 2022 में मातृ मृत्यु दर (MMR) की स्थिति 103 थी, जो साल 2025 में घटकर 91 रह गयी है.
साल 2022 में लाइफ एक्सपेक्टेंसी 71.7 साल थी, जो साल 2025 में बढ़कर 73 साल हो गयी है.
जरूरी चीजों का उत्पादन बढ़ा: प्रमुख सचिव ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में शौचालयों की स्थिति, गेहूं उत्पादन, दुग्ध उत्पादन और मछली उत्पादन के आंकड़े भी पेश किए
साल 2022 में प्रदेश के सभी घरों में शौचालय की स्थिति 97 फीसदी थी, जो साल 2025 में बढ़कर 100 फीसदी हो गयी है.
साल 2022 में चावल और गेहूं के उत्पादन 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था, जो साल 2025 में बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गया है.
मेडिसिनल एवं एरोमेटिक प्लांट में काफी अधिक बढ़ोत्तरी हुई है. इसके तहत साल 2022 में 900 हेक्टेयर था, जो साल 2025 में बढ़कर 10,000 हेक्टेयर हो गया है.
साल 2022 में दूध का उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन था. ये साल 2025 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है.
साल 2022 में मछली का उत्पादन 7,325 टन प्रति ईयर था. ये साल 2025 में बढ़कर 10,487 टन प्रति ईयर पहुंच गया है.
होटल और होमस्टे बढ़े: आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार 2022 की अपेक्षा होटलों और होमस्टे की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है.
साल 2022 में स्टार होटल्स के अलावा होटल्स की संख्या 8,225 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 10,509 हो गई है
साल 2022 में होम स्टे की संख्या 3,935 थी, जो साल 2025 में बढ़कर 6,061 हो गयी है।
