देहरादून: उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं का पहुंचना जारी है. अभी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हल्द्वानी कार्यक्रम से सरकार कुछ फ्री ही हुई थी कि अब राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर तैयारी में जुट गई है.. हालांकि इसके लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन संभावित कार्यक्रम को देखते हुए शासन ने पूरी हुई योजनाओं का खाका जुटाना शुरू कर दिया है।
दरअसल, उत्तराखंड में भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के ताबड़तोड़ दौरे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पार्टी चुनावी रणनीति को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है. हाल ही में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजथान सिंह हल्द्वानी पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का काम किया. इससे पहले अमित शाह भी हरिद्वार में आए थे।
चुनावी मोड में आई बीजेपी: वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी के संभावित दौरे को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियों की रूपरेखा बनानी शुरू कर दी है. शासन स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिसमें विभिन्न विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं. खासतौर पर उन योजनाओं की सूची तैयार की जा रही है, जो पूरी हो चुकी हैं या अंतिम चरण में हैं, ताकि प्रधानमंत्री के हाथों उनका लोकार्पण या शिलान्यास कराया जा सके।
मुख्य सचिव ले चुके है बैठक: इस पूरे आयोजन को लेकर मुख्य सचिव आनंदवर्धन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जा चुकी है. इस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों की प्रमुख परियोजनाओं का ब्यौरा उपलब्ध कराएं. सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री के दौरे को विकास कार्यों के प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए।
राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण पीएम मोदी का दौरा: राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संभावित दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हरिद्वार का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया था।
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कुमाऊं क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं. ऐसे में भाजपा ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपने शीर्ष नेताओं के जरिए पहुंच बनाने की रणनीति अपनाई है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम राज्य के किस हिस्से में आयोजित किया जाएगा, पार्टी इस बार स्थान चयन को लेकर बेहद सतर्क है।
गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में रैली कर चुके बड़े नेता: गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में पहले ही बड़े नेताओं की सभाएं हो चुकी हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री के लिए कौन-सा क्षेत्र चुना जाता है. यह चयन पूरी तरह राजनीतिक समीकरणों और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर इस दौरे को लेकर गहन मंथन चल रहा है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की रैली को केवल एक जनसभा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे विकास और उपलब्धियों के बड़े मंच के रूप में पेश किया जाएगा. इसके जरिए राज्य सरकार अपनी योजनाओं और कामकाज को जनता के सामने मजबूती से रखने की कोशिश करेगी।
पुलिस-प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा: पीएम के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शुरुआती स्तर पर ही रूपरेखा तैयार कर ली जाती है. प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर प्रोटोकॉल बेहद सख्त होता है, ऐसे में कोई भी चूक न हो, इसके लिए अधिकारियों को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश दिए जाते हैं।
भाजपा के लिए यह दौरा चुनावी दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है. पार्टी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी राज्य में कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगी और जनता के बीच सकारात्मक माहौल तैयार करेगी. खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां पार्टी को मजबूती की जरूरत है, वहां यह दौरा निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को लेकर सरकार और भाजपा दोनों पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं. भले ही अभी कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, उससे यह साफ है कि यह दौरा आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री का यह दौरा कब और कहां होता है और इसका चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
