हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में गैस सिलेंडर वितरण में कालाबाजारी का मामला सामने आया है. कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के निर्देश पर एक गैस एंजेसी से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं को किसी भी हाल में परेशानी नहीं होने दी जाएगी और व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा।
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच गैस संकट बना हुआ है. इसी बीच हल्द्वानी में गैस सिलेंडर वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी का मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया. सोमवार को कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सूचना मिली कि डहरिया क्षेत्र में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है. मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने पर पता चला कि वितरण कर रहे कर्मचारियों ने 10 भरे हुए सिलेंडर वहां छोड़ दिए, लेकिन बदले में एक भी खाली सिलेंडर नहीं लिया और मौके से चले गए. इस संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों को तलब किया।
पूछताछ के दौरान कोई भी कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया कि बिना खाली सिलेंडर लिए भरे सिलेंडर क्यों छोड़े गए. इससे कालाबाजारी और घटतौली की आशंका और गहरा गई. मामले को गंभीर मानते हुए आयुक्त दीपक रावत ने केएमवीएन के महाप्रबंधक को निर्देश दिए कि गैस वितरण में शामिल आउटसोर्स कर्मचारी संदीप, प्रेमपाल सिंह ठाकुर और प्रमोद चौहान के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए. कुमाऊ कमिश्नर ने साफ कहा कि गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित औचक निरीक्षण किए जाएं और वितरण व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाए. प्रशासन ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बता दें कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की अभी तक कोई कमी नहीं है, लेकिन गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है. वहीं गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध तरीके से खरीद फरोख्त करने वालों पर कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
