Oplus_131072
उत्तराखंड सरकार ने दूरस्थ पहाड़ी गांवों तक विकास पहुंचाने के लिए सड़कों और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया है।
देहरादून। पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक विकास की राह आसान बनाने के लिए इस बार बजट में सड़कों और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार प्रदेश में 57 पहाड़ों में सुरंगों, पुलों और आधुनिक ढांचों के माध्यम से दूरस्थ इलाकों को विकास से जोड़ा जा रहा है।
सरकार की प्राथमिकता लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है, ताकि पहाड़ के अंतिम गांव तक सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंच सकें।
प्रदेश के दूरस्थ गांवों और पहाड़ी अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने इस बार सड़क और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर खास जोर दिया है।
बजट में ग्रामीण विकास के लिए पूंजीगत मद में 1642 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1050 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग को 2502 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जिससे नई सड़कों और पुलों के निर्माण को गति मिलने के साथ गांवों और पहाड़ों तक विकास की राह और मजबूत होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सड़क संपर्क मजबूत होने से कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी, पर्यटन स्थलों तक आवागमन बढ़ेगा और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा।
साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच बेहतर होने से पहाड़ी क्षेत्रों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
1050 करोड़ – प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पूंजीगत मद)
400 करोड़ – गड्ढा मुक्त सड़क अभियान
10 करोड़ – टिहरी रिंग रोड परियोजना
