देहरादून: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की वजह से ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है. लेकिन उत्तराखंड समेत पूरे देश भर में डोमेस्टिक गैस कनेक्शन धारकों को सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई हो रही है. ऐसे में राज्य के भीतर एलपीजी एवं ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अवैध रूप से गैस सिलेंडर का भंडारण या उसकी ब्लैक मार्केटिंग ना की जा सके. इसी क्रम में 10 मार्च से प्रदेश भर में निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के आयुक्त ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में पिछले तीन दिनों यानी 10 मार्च से 12 मार्च के दौरान तमाम जिलों में कुल 280 निरीक्षण किए गए. निरीक्षण के दौरान कुल 58 स्थानों पर छापे मारे की कार्रवाई की गई. अभियान के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं. साथ ही 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं. इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान 01 काटा (वजन माप उपकरण) और 02 रिफिलिंग किट भी जब्त की गई हैं. यही नहीं, विभाग ने अनियमितताओं पर 4600 रुपए का अर्थदंड भी वसूला है।
आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार, उपभोक्ताओं को तय मूल्य पर गैस एवं ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. ऐसे में किसी भी तरह की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आम जनता से भी अपील किया है कि अगर कहीं भी एलपीजी या ईंधन से संबंधित अनियमितता, कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके. आयुक्त ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विभाग की ओर से आगे भी इसी तरह सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
दरअसल, ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की वजह से जनता में एक पैनिक का माहौल है. हालांकि कुछ सर्वर इश्यू होने की वजह से भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं. बावजूद इसके जनता पैनिक की वजह से गैस भरवाने के लिए गैस एजेंसी पहुंच रहे हैं. जबकि वर्तमान समय में गैस की कोई किल्लत नहीं है. इसी बीच गैस सिलेंडर का भंडारण, कालाबाजारी और अवैध रीफीलिंग के भी मामले बढ़ गए हैं. ऐसे में राज्य सरकार के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों ने प्रदेश घर में निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई कर रही है।
